🔵 बृजबिहारी त्रिपाठी
पानी के बिना जीवन संभव नहीं है। दिनोंदिन बढ़ता जलसंकट चेतावनी है कि अगर हमने अभी से पानी बचाने के उपाय नहीं किए, तो भविष्य में स्थिति और भयावह हो सकती है। धरती पर जितना पानी है, उसका सिर्फ 2.5% ही फ्रेश वॉटर है और इसमें से भी 1% से कम हिस्सा ही आसानी से पीने या इस्तेमाल के लिए उपलब्ध है। बाकी बर्फ के रूप में ग्लेशियरों में या जमीन के नीचे बंद है। इसीलिए हमें अपने अपने स्तर पर पानी बचाने के लिए गंभीर प्रयास करने की जरूरत है।
बेशक ! जीवन के लिए हवा के बाद सबसे महत्वपूर्ण है पानी। पानी हमारी जिंदगी का आधार है। पीने के अलावा खाना बनाने, नहाने, खेती करने और फैक्ट्रियों को चलाने तक हर चीज़ के लिए पानी चाहिए। लेकिन आज दुनिया में पानी की कमी एक बड़ी समस्या बन रही है। अगर हम इसे नहीं बचाएंगे तो आने वाली पीढ़ियों को बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। इसी बात पर ध्यान दिलाने और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘विश्व जल दिवस’ मनाया जाता है। पानी की बर्बादी रोकना इसलिए जरूरी है क्योंकि धरती पर जितना पानी है, उसका बहुत कम हिस्सा ही हमारे इस्तेमाल के लायक है। बढ़ती आबादी, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन ने जल संकट को और गंभीर बना दिया है। दुनिया की एक बड़ी आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं है। आज का दिन दिवस लोगों को जल संकट और उसके समाधान पर सोचने के लिए प्रेरित करता है। धरती का करीब 71% हिस्सा पानी से ढका हुआ है। यानी समुद्र, नदियां, झीलें और ग्लेशियर सब मिलाकर ढेर सारा पानी है। लेकिन इसका 97.5% हिस्सा खारा पानी है जो समुद्रों में है और पीने या रोज़मर्रा के काम के लिए इस्तेमाल नहीं हो सकता। इसका मतलब है कि इंसान के उपयोग के लिए सिर्फ करीब 2.5% साफ पानी ही बचता है। हमारी गलतियों जैसे प्रदूषण, पानी की बर्बादी और जलवायु परिवर्तन के कारण ये कीमती पानी दिनों दिन कम होता जा रहा है। इसीलए हर साल 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है ताकि जल संरक्षण और सतत जल प्रबंधन की आवश्यकता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
2025 में विश्व जल दिवस की थीम है “ग्लेशियर संरक्षण”। इसका मतलब है कि ग्लेशियर यानी बर्फ के पहाड़ दुनिया भर में साफ पानी को बनाए रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं और हमें इनका संरक्षण करने के हरसंभव प्रयास करने चाहिए। ग्लेशियर हमें पीने का पानी, खेती और नदियों के लिए पानी देते हैं। लेकिन जलवायु परिवर्तन की वजह से ये तेज़ी से पिघल रहे हैं। इन्हें बचाना बहुत ज़रूरी है, वरना आने वाले दिनों में पानी की बड़ी समस्या हो सकती है। पानी हम सबकी जिंदगी है और उसे बचाने की जिम्मेदारी को भी हमें समझना होगा। आइए इस विश्व जल दिवस पर हम मिलकर संकल्प लें की बूंद-बूंद पानी बचाएंगे और अपने आस पास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। छोटे-छोटे कदम जैसे नल को ठीक करना, कम पानी इस्तेमाल करना और बारिश का पानी जमा करना जैसे उपाय हमारे कल को सुरक्षित बना सकते हैं।
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